बांग्लादेश क्रिकेट इस समय मैदान के बाहर हुए एक बड़े विवाद को लेकर चर्चा में है। बांग्लादेश के स्पिनर नईम हसन के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले ने पूरे देश में हंगामा खड़ा कर दिया है। मामला इतना बढ़ गया कि तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी बना दी गई है। यह घटना 12 जून की देर रात चटगांव में हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक नईम हसन ढाका एयरपोर्ट से अपने घर लौट रहे थे। इससे पहले वह ढाका प्रीमियर डिवीजन क्रिकेट लीग में अपनी टीम प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब के साथ मौजूद थे, हालांकि उस मैच में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया था।
पुलिस ने खिलाड़ी से की बदसलूकी
बताया जा रहा है कि जब नईम लालखान बाजार इलाके से गुजर रहे थे, तभी पुलिसकर्मियों ने उनके CNG ऑटो-रिक्शा को रोक लिया। नईम का आरोप है कि पुलिसकर्मी शुरुआत से ही आक्रामक व्यवहार कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनका गला पकड़ा और जबरन दूसरे ऑटो में बैठाकर थाने ले जाने की कोशिश की।
मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि नईम बांग्लादेश के नेशनल क्रिकेटर हैं, लेकिन आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने किसी की बात नहीं सुनी। बाद में 13 जून तड़के नईम को छोड़ दिया गया और वह घर लौटे। घटना सामने आने के बाद पूरे बांग्लादेश में नाराजगी फैल गई। इसके बाद चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद शफीकुल इस्लाम भुइयां, कांस्टेबल मोहम्मद रासेल चौधरी और एक अन्य पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के कमिश्नर शौकत अली खुद नईम हसन के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने भी माना कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि नईम को न्याय मिलेगा और जिम्मेदार लोगों को सजा दी जाएगी। नईम हसन ने बाद में मीडिया से बातचीत में बताया कि उस वक्त वह काफी डर गए थे। उन्होंने कहा कि अगर स्थानीय लोग और उनके समर्थक वहां मौजूद नहीं होते तो मामला और गंभीर हो सकता था।
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